
संवाददाता
कानपुर। आईआईटी के पीएचडी छात्र राम स्वरूप का आज पोस्टमार्टम कराया गया, 6वीं मंजिल से कूदने की वजह से कूल्हा, पैर, सिर की करीब 10 हडि्डयां टूट गई थी, कोमा में जाने के कारण उसकी मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि राम स्वरूप अपने साथी स्कॉलर के साथ रिसर्च के लिए कुछ दिन पहले ही अपने प्रोजेक्ट के लिए राजस्थान गया था।
इसके बाद वह रविवार को पत्नी मंजू और तीन साल की बेटी चारू को अपने साथ लेकर गया था। चचेरे भाई राजेंद्र चौधरी ने बताया कि वह पढ़ाई में होनहार था, उसने पहले ही प्रयास में आईआईटी में दाखिला लिया था, इसके साथ ही वह एक बेहतरीन एथलीट भी था।
वहीं कानपुर आईआईटी में लगातार हो रही मौतों के चलते छात्रों ने कैंपस में देर रात हंगामा किया, उन्होंने डीन का घेराव करते हुए पूछा कि क्या वजह है जो लगातार छात्र सुसाइड कर रहे हैं। उन्होंने डीन से सवाल किया कि– जो इन बैलेंसमेंट ऑफ पॉवर हो रहा है, उसके खिलाफ आप क्या एक्शन लेंगे ? छात्रों ने सवाल किया कि– सारा पॉवर प्रोफेसरों के हाथ में दिया जा रहा है, बच्चों की जो मेंटल हेल्थ है, वो क्या फील कर रहे हैं, वो आपको नहीं पता। जिसका डीन ने गोलमोल जवाब दिया।
मृतक के परिवारीजन राजस्थान के चूरू में रहते हैं। परिवार में तीन भाई रामपाल, राम निवास और सबसे छोटा मृतक राम स्वरूप ईश्वर था, जो कानपुर आईआईटी से पीएचडी कर रहा था। वह आईआईटी की एए-21, न्यू एसबीआरए बिल्डिंग में रहता था। राम स्वरूप ने मंगलवार दोपहर इसी बिल्डिंग की 6वीं मंजिल से नीचे कूद कर सुसाइड कर लिया था।
चचेरे भाई राजेंद्र चौधरी ने बताया कि राम स्वरूप ईश्वरम अपनी पत्नी मंजू और 3 साल की बेटी चारू के साथ बीते रविवार को ही कॉलेज परिसर में रहने के लिए आया था। पत्नी 3 महीने की प्रेग्नेंट भी हैं। बताया कि राम स्वरूप हाल ही में रिसर्च के लिए अपने साथी के साथ राजस्थान आया था,जहां उसने शोध के लिए कुछ सैंपल कलेक्ट किए और पत्नी और बेटी को लेकर चला गया था।
सुसाइड करने से कुछ समय पहले उसने पत्नी से लैब जाने की बात कही, फिर लैब न जाकर पत्नी से बोला कि– चलो बालकनी में चलते हैं, इसके बाद बालकनी से ही कूदकर सुसाइड कर लिया। उन्होंने बताया कि राम स्वरूप ने कोई एंग्जाइटी की समस्या नहीं बताई थी। घर आने पर भी वह तनावग्रस्त महसूस नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि मेरा भाई बहुत ही होनहार था, उसने जिस तरीके से सुसाइड किया है उससे लगता है कि उस पर बहुत ज्यादा प्रेशर था।
वही आईआईटी ने छात्र की मौत पर विज्ञप्ति जारी कर शोक जताया था। लिखा था कि पीएचडी छात्र रामस्वरूप ईश्वरम एक होनहार शोधार्थी थे। जुलाई 2023 में संस्थान जॉइन किया था। इस दुख की घड़ी में संस्थान एक होनहार शोधकर्ता की मौत पर संवेदना व्यक्त करता है।
रामस्वरूप ईश्वरम के दोस्त राजीव ने बताया था उन्हें सिजोफ्रेनिया नाम की बीमारी थी। इस समय बीमारी लो फेज में थी। आईआईटी कानपुर में उनका ट्रीटमेंट चल रहा था। सोमवार शाम हम लोग उन्हें फिजिशियन के पास लेकर गए थे।
यहां फिजिशियन ने रामस्वरूप के काउंसलर से कहा कि इनको यहां से रेफर कर दीजिए। फिर काउंसलर ने हम लोगों को घर भेज दिया। कहा कि मंगलवार को आना। आज शाम रामस्वरूप को उनके पास जाना था, लेकिन इससे पहले उसने सुसाइड कर लिया।






