February 25, 2026

• फिर से सड़क धंसने से आसपास के 25 घरों को जमींदोज होने का खतरा।

संवाददाता 

कानपुर। ईदगाह चौराहे पर सड़क के धंसने का सिलसिला बीते तीस दिनों अनवरत जारी है। महीनेभर पहले 10 मीटर के धंसने से शुरू सिलसिला अब तीसरी बार धंसकर 100 मीटर का हो गया है। ऐसे में यहां 25 घरों को गिरने का खतरा बन गया है। कानपुर की मेयर ने 15 दिनों में काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन महीनेभर बाद भी गड्‌ढा दुरुस्त नहीं किया गया।

इस सड़क पर करीब 100 से ज्यादा छोटे-बड़े कारोबारी कार से संबंधित काम करते हैं। व्यापारियों का कहना है- एक दिन में एक कारोबारी 1 से 1.5 लाख तक का कारोबार करता है। 30 दिनों से सड़क बंद है, ऐसे में करीब 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

व्यापारी वर्ग ने नगर निगम के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाया है। मेयर के निर्देश के बाद ये काम तय समय में पूरा क्यों नहीं हो पाया? कार बाजार के व्यापारियों को कितना नुकसान हो रहा है? आखिर ये सड़क बार-बार क्यों धंस रही है? 

कानपुर में ईदगाह चौराहा से ब्रह्म नगर चौराहा की तरफ जाने वाली सड़क 21 जनवरी को 10 मीटर धंसी थी। जिसका कारण था, सड़क के नीचे अंग्रेजों के जमाने का 150 साल पुराना डाट नाला टूट गया था।

इसको सही करने के लिए नगर निगम ने कंस्ट्रक्शन शुरू किया। नाले से निकलने वाले पानी के बहाव रोक दिया। इसके बाद पानी एकत्रित होने लगा। पानी रुकने के कारण दोबारा से सड़क धंस गई, जिससे गड्डे की लंबाई करीब 25 मीटर हो गई।

फिर दोबारा से मलवा निकालकर फिर से पानी के बहाव को शुरू किया गया। 20 फरवरी की रात को अचानक से फिर से तीसरी बार सड़क धंस गई। अब इस गड्डे की लंबाई करीब 100 मीटर हो गई है।

21 जनवरी को डाट नाला धंसने के बाद यहां नगर निगम ने 7 मकानों को खाली करने के नोटिस लगाए थे। लेकिन अब 100 मीटर की एरिया में सड़क के दोनों ओर 25 दुकानें और मकान बने हुए हैं।

अब यहां पर करीब 20 से 25 मकान गिरने का खतरा बन गया है। मकानों में रहने वाले उच्च परिवार मकानों को छोड़ के रिश्तेदारों के यहां रहने लगे है।

नगर निगम के द्वारा चल रहे काम को देखें तो लगातार डाट नाले के पानी को रोका जा रहा है, क्योंकि काम करना है। जब पानी रुकता है, तभी कटान शुरू हो जाता है। इससे ये सड़क बार बार धंस रही है। आखिर ये काम कब तक पूरा हो पाएगा ये एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

कानपुर मेयर ने पिछले महीने इस सड़क का निरीक्षण किया था। उस दौरान मेयर ने अधिकारियों को 15 दिनों में काम पूरा करने के निर्देश दिये थे। लेकिन अब एक महीना होने के बाद ये काम पूरा नहीं हो पाया है।

स्थानीय लोगों ने बताया अभी तक शुरुआत से 4 ठेकेदार बदले जा चुके हैं, जिसकी वजह से काम प्रभावित हो रहा है। केवल यहां पर काम चल रहा है। काम में तेजी नहीं दिखाई दे रही है।

व्यापारी सुधीर शुक्ला ने बताया- नगर निगम के ठेकेदार काम कर रहे हैं, लेकिन ये काम जल्दी से पूरा हो जाए। अब आगे नई-नई जगह सड़क धंस रही है। सड़क धंसना बंद नहीं हो पा रहा।

प्रशासन को इस तरीके से काम करना चाहिए, जिससे आगे सड़क न धंसे। जल्दी ही अब प्रशासन को आगे धंसने वाली सड़क पर तेजी से काम करना चाहिए, जिससे हम जैसे व्यापारियों को अब ज्यादा नुकसान न हो।

स्थानीय सूरज ने कहा- इस गड्डे को हुए एक महीने से ज्यादा हो गया है। अब हम इसको गड्डा नहीं 1000 गज का प्लॉट बोलते हैं। क्योंकि गड्डे में कोई रह नहीं सकता हम लोग इस गड्डे में ही रह रहे हैं, इस लिए ये प्लॉट बन गया है। जैसे ही कोई बड़ा अधिकारी आता है तो काम में तेजी आ जाती है, अधिकारी के जाने के बाद केवल चलता होता है।

जिस हिसाब से काम चलना चाहिए, उस हिसाब से नहीं चल रहा है। ये गड्डा केवल राजनीतिक गड्डा बन कर रह गया है। पहले यहां करीब 3 मकान गिरने का खतरा था, लेकिन आज की डेट में 15 से 20 मकान धंसने का खतरा बना हुआ है।

इन लोगों को ये समझ ही नहीं आता है काम कैसे करना है। ये करीबन पहले 200 गज के आसपास था, लेकिन 5000 हजार स्क्वायर फिट का गड्डा बन गया है। कुछ परिवार रह रहे है, लेकिन कुछ परिवार यहां से चले गए हैं। अब कल यहां फिर से नया गड्डा हुआ है, मुझे नहीं लगता ये लोग इसको जल्दी से संभाल पाएंगे।