March 27, 2026

संवाददाता 
कानपुर।
  बिधनू क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल पर कॉपी-किताबों की मनमानी कीमतें वसूलने का आरोप लगा है। मझावन निवासी एक ऑटो चालक ने स्कूल प्रबंधन पर अत्यधिक शुल्क लेने और बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देने की शिकायत की है।
यह मामला भारतीय विद्या निकेतन तकसीमपुर रोड का है। मझावन निवासी ऑटो चालक केशव निगम अपनी बेटी आराध्या निगम कक्षा 2 को अगली कक्षा में प्रवेश दिलाने और दूसरी बेटी अक्षरा निगम का पीजी क्लास में दाखिला कराने स्कूल पहुंचे थे। स्कूल द्वारा दिए गए बिल के अनुसार, कक्षा 3 की किताबों और अन्य शुल्कों का कुल बिल 6,485 रुपये था।
निगम का आरोप है कि स्टेशनरी और किताबों की कीमतें बाजार दर से काफी अधिक हैं, जो अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं।केशव निगम ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए स्कूल प्रबंधन से किताबों की कीमतों में छूट का अनुरोध किया। उनके अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने छूट देने से इनकार कर दिया और कथित तौर पर कहा कि यदि वे इतनी महंगी किताबें नहीं ले सकते, तो बच्चों को स्कूल से निकाल लें।
निगम ने बताया कि वे ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और चाहते हैं कि उनके बच्चे सीबीएसई बोर्ड में अच्छी शिक्षा प्राप्त करें।उनका आरोप है कि स्कूल द्वारा किताबों के नाम पर की जा रही यह वसूली मध्यमवर्गीय और गरीब अभिभावकों के लिए एक बड़ी समस्या है।
अभिभावक ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन द्वारा यह दबाव बनाया जा रहा है कि अभिभावक किताबें स्कूल से ही खरीदें, भले ही वे महंगी हों। 

केशव निगम ने इस संबंध में जिलाधिकारी  से शिकायत करने की बात कही है।
वहीं,भारती विद्या निकेतन के प्रबंधक अनिल गुप्ता ने इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि उनकी किसी भी अभिभावक से इस प्रकार की कोई बातचीत नहीं हुई है।
अभिभावक का यह भी कहना है कि बच्चों को शिक्षा से वंचित करना कानून के खिलाफ है।
खंड शिक्षा अधिकारी बिधनू सत्यप्रकाश ने बताया की उगाही करने वाले विद्यालय के खिलाफ जानकारी मिलने के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।