
संवाददाता
कानपुर। सचेंडी में युवक की हत्या के बाद शव नहर में फेंकने के मामले में एक महीने बाद भी सचेंडी थाने की पुलिस के हाथ खाली हैं। युवक की नृशंस हत्या करने के बाद हाथ मफलर से बांधकर नहर में शव को हत्यारों ने फेंका था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि और शरीर पर चोट के निशान मिले थे। इसके बाद भी पुलिस एक महीने में मृतक की शिनाख्त नहीं कर सकी, आरोपियों को पकड़ना तो दूर की बात है।
सचेंडी थाना क्षेत्र के बिनौर क्रॉसिंग के पास नहर में 1 दिसंबर को युवक का शव मिला था। युवक के दोनों हाथ मफलर से बंधे थे व सिर पर गहरी चोटों के निशान थे। मृतक काली पैंट पहने था। शव नहर किनारे पड़ा था। ग्रामीणों की सूचना पर सचेंडी थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर जांच करने पहुंची थी। जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था।
हत्याकांड का खुलासा करने के लिए सचेंडी पुलिस ने फौरी तौर पर भले ही आस पास के गांव और फैक्ट्री में जाकर शव के शिनाख्त के प्रयास किये थे, लेकिन कुछ सफलता नहीं मिली। शिनाख्त नहीं होने के चलते हत्याकांड का खुलासा भी नहीं हो सका है।
सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि एक दिसंबर को शव मिला था। दोनों हाथ मफलर से बंधे थे और हत्या करके शव फेका गया था। पुलिस ने शव की शिनाख्त के काफी प्रयास भी किए थे। मगर कोई सफलता नहीं मिली थी।
लेकिन थाना प्रभारी साफ तौर पर यह नहीं बता सके कि अब तक जांच में उनकी टीम ने क्या प्रयास किया है। कितने सीसीटीवी खंगाले गए, सर्विलांस की मदद से कोई जांच की गई या क्षेत्रीय लोगों से किसी तरह की पूछताछ की गई है…?
वहीं, मामले में डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि पूरे मामले की जल्द ही समीक्षा की जाएगी। अगर किसी पुलिस कर्मी ने लापरवाही की है तो उसके खिलाफ एक्शन होगा। इसके साथ ही जल्द ही टीम गठित करके मर्डर का खुलासा किया जाएगा।






