• शिवम के पिता ने पुलिस के दावे को नकारा, बोले गाड़ी को बेटा नहीं, ड्राइवर चला रहा था।

संवाददाता
कानपुर। ग्वालटोली थाना क्षेत्र स्थित वीआईपी रोड पर हुए चर्चित सड़क दुर्घटना मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। आरोपी बताए जा रहे शिवम मिश्रा के पिता के.के. मिश्रा आज व्यापारियों और वकीलों के साथ ग्वालटोली थाने पहुंचे और विवेचक के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने पुलिस के पूरे कथानक को सिरे से खारिज करते हुए गंभीर आरोप लगाए।
के.के. मिश्रा ने साफ कहा कि जिस तरह से मामले को पेश किया जा रहा है, वह पूरी तरह से भ्रामक और असत्य है। उनका कहना था कि घटना के समय उनके बेटे शिवम की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके चलते परिस्थितियां बिगड़ीं। उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना के समय वाहन शिवम नहीं चला रहा था, बल्कि गाड़ी ड्राइवर के हाथ में थी। यदि कोई यह कह रहा है कि गाड़ी शिवम चला रहा था, तो वह सरासर झूठ बोल रहा है।
के.के. मिश्रा के इस बयान ने मामले को और विवादित बना दिया है, क्योंकि इससे पहले पुलिस कमिश्नर की ओर से सार्वजनिक रूप से यह बयान सामने आ चुका है कि दुर्घटना के समय वाहन शिवम मिश्रा ही चला रहा था। पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा था कि इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जिसमें स्पष्ट रूप से शिवम वाहन चलाते हुए दिखाई दे रहा हैं। पुलिस के इस दावे के उलट के.के. मिश्रा का कहना है कि जो भी इस तरह की बात फैला रहा है, वह जानबूझकर झूठ बोल रहा है। उनके बयान को पुलिस पर सीधे-सीधे गंभीर आरोप के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने संकेतों में यह भी कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है और उनके बेटे को फंसाने की कोशिश की जा रही है।
आज थाने पहुंचने के दौरान के.के. मिश्रा के साथ बड़ी संख्या में व्यापारी और वकील भी मौजूद रहे। इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं कि मामला अब सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और दबाव की राजनीति का रूप भी लेता जा रहा है।
ग्वालटोली थाना परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा, हालांकि पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा।
सूत्रों के अनुसार, विवेचक ने के.के. मिश्रा के बयान को केस डायरी में दर्ज कर लिया है और अब उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में यह सवाल गूंजने लगा है कि आखिर सच क्या है—पुलिस का दावा या आरोपी पक्ष का इनकार। फिलहाल यह मामला बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच और अधिक संवेदनशील होता नजर आ रहा है।






