
संवाददाता
कानपुर। हनुमंत विहार में पांच बार सुसाइड का प्रयास करने वाले युवक ने छठवीं बार फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। परिजनों ने बताया कि छठवीं बार जान देने के प्रयास के दौरान फंदा टूट गया, जिससे सिर के बल गिरने से उसकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना था कि कुछ समय पहले युवक को मारपीट के मामले में पुलिस ने पकड़ा था, उसने हवालात में फंदा लगाकर जान देने की धमकी दी थी, जिस पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।
खाड़ेपुर के योगेंद्र विहार पाल चौराहा निवासी हिमांशु मजदूरी करता था। परिवार में मां कुसुम देवी, दो भाई राम सेवक व अभिषेक हैं। बड़े भाई राम सेवक ने बताया कि हिमांशु शराब का लती था, आए दिन शराब पीकर लोगों से झगड़ा करता था। काफी दिनों पहले नशे में धुत होकर हिमांशु दोनों भाइयों से झगड़ चुका था, जिस पर वह दोनों घर से अलग किराए के मकान में रहते थे।
रामसेवक ने बताया कि घर पर हिमांशु और मां रहती थीं। सप्ताह भर पहले उसने मामा छंगू को भी पीटा था।
रात में खाना खाने के बाद मां छत पर सोने चली गई। इसी बीच उन्हें कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। जिस पर जब कमरे में पहुंची तो हिमांशु जमीन पर पड़ा था और सिर से खून बह रहा था। जिसके बाद मां उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रामसेवक ने बताया कि हिमांशु ने मां की साड़ी से फंदा लगाया था, लेकिन फंदा टूटने से गिर गया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। रामसेवक ने बताया कि हिमांशु एक साल भर के भीतर 5 बार सुसाइड का प्रयास कर चुका है, दो बार उसने कीटनाशक पिया था।तीन बार उसने फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया था।
इसके साथ ही कुछ समय पहले मां से मारपीट करने पर अर्रा चौकी पुलिस उसे पकड़कर ले गई थी, लेकिन जब उसने हवालात में फांसी लगाने की धमकी दी तो उसे छोड़ दिया गया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से पूछताछ करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।






