
संवाददाता
कानपुर। स्ट्रीट डॉग्स ने महिला पर हमला कर दिया। इससे महिला सड़क पर गिर गई। इसके बाद कुत्तों का झुंड महिला को नोचने लगा और उसे घसीट कर ले जाने लगा। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग लाठी-डंडा लेकर दौड़े। तब कुत्तों ने उन्हें छोड़ा।
महिला पर हमले की यह सारी घटना वार्ड पार्षद के घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। सीसीटीवी सामने आने के बाद वार्ड के लोगों ने नगर निगम से शिकायत की है। टीम ने शाम को सभी कुत्तों को पकड़ लिया।
जूही बंबुरहिया इलाके में रहने वाली सुनीता गुप्ता अपने घर से मेडिकल स्टोर पर दवा लेने के लिए जा रहीं थीं। वह वार्ड 14 की पार्षद शालू सुनील कनौजिया के घर के सामने पहुंची। इसी दौरान 3 आवारा कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हमले से सुनीता सड़क पर गिर गईं। इसके बाद कुत्तों ने उन्हें नोचना शुरू कर दिया। उन्होंने कुत्तों को भगाने का प्रयास किया। मगर कुत्ते नहीं भागे। कुत्ते उनके कपड़े पकड़कर घसीटने लगे। तभी उन्होंने शोर मचा दिया। उनकी आवाज सुनकर इलाके में रहने वाले लोग डंडे लेकर दौड़े, तब जाकर आवारा कुत्ते वहां से भागे। महिला के हाथ-पैर में कुत्ते के काटे के निशान हैं। महिला को नजदीक के चिकित्सा केंद्र ले जाकर प्राथमिक उपचार दिलाया गया। कुत्तों के हमले की घटना पार्षद के घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। जिसके बाद वार्ड पार्षद ने सारे मामले की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से की है।
पार्षद शालू कनौजिया ने बताया कि इलाके में पिछले 15 दिनों में कुत्तों का आतंक बहुत ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह ही कुत्तों ने 6 साल के बच्चे पर हमला कर दिया था और उसका गाल चबा लिया था। इससे उसके गाल का मांस बाहर आ गया था। उसे भी मोहल्ले के लोगों ने बचाया था। बच्चे का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
कुत्तों के हमले की खबर मिलने पर नगर निगम की टीम इलाके में एक्टिव हो गई। नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आरके निरंजन ने बताया कि आवारा कुत्तों की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों पर बार-बार हमला करने वाले कुत्तों को एबीसी सेंटर में रखा जाएगा। इलाके में टीम भेजी गई थी। कुत्तों को पकड़ लिया गया है।





