
संवाददाता
कानपुर। नगर का नाम स्मार्ट सिटी शहरों में शामिल है। मगर शहर की सड़कें स्मार्ट सिटी के ख्वाब को तोड़ देती हैं। एक किलोमीटर सड़क पर सफर करने के लिए करीब 50 गड्ढों को पार करना पड़ता है। कई बार तो वाहन सवार गिर भी जाते हैं।
स्वरूप नगर की मुख्य रोड पर एक किमी. में करीब 50 गड्ढे है। खास बात तो ये है कि इस रोड पर हैलट जैसे कई बड़े अस्पताल, पैथोलॉजी लैब और बड़े मेडिकल स्टोर सेंटर है। जहां पर छोटे-मोटे मर्ज से लेकर गंभीर मरीज तक आते हैं और उन्हें भी ऐसी खस्ता हाल वाली सड़क का सामना करना पड़ता है।
नरेंद्र मोहन सेतु से बेनाझाबर तक की दूरी करीब 2 किमी. है। इस पुल से उतर कर हैलट अस्पताल की ओर बढ़ने पर 50 गड्ढे है।
जलकल की लाइन काफी समय से टूटी पड़ी हैं। बगल से सीवर लाइन भी गई हैं। इस कारण पूरा गंदा पानी यहां पर हमेशा भरा रहता हैं। आज तक न तो नगर निगम ने इसकी कोई सुध ली और न ही जलकल विभाग के लोगों ने इसकी कोई परवाह की है।
पानी के भराव के कारण सड़क और टूट रही है। आए दिन लोग यहां गिरते हैं। गिरने वालों में अधिकतर बाइक वाले होते हैं। दिन में कुछ नहीं तो 5 से 10 लोग इस गड्ढे में गिरते ही गिरते हैं।
ये सड़क पिछले कई महीनों से ऐसे ही पड़ी हैं। लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं हैं, जबकि स्वरूप नगर की ये मेन रोड है यहां से हर जनप्रतिनिधि का लगभग रोज का निकलना होगा। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं देता हैं।
इन गड्ढों पर कई बार डस्ट और गिट्टी डालकर भरने का काम किया गया है। कुछ दिन तो सड़क ठीक रहती है। इसके बाद फिर से पहले जैसे हालात हो जाते हैं। अगर बरसात हो गई तो दूसरे तीसरे दिन से ही सड़क फिर से पहले जैसी नजर आने लगती है।
वार्ड-61 के पार्षद रवि गर्ग ने बताया कि 30 अगस्त के बाद पैचवर्क का काम कराया जाएगा। सभी टेंडर लगे हैं। मेरे समय में कोई पैचवर्क नहीं हुआ हैं। पूरे शहर में गड्ढे हैं, सभी जगहों का काम 30 के बाद एक साथ शुरू होगा।






