
संवाददाता
कानपुर/पटना। साथी प्लेटफ़ॉर्म के तहत हाल ही में एक दो-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया, जिसका आयोजन बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान के बीसी एवं ईबीसी कल्याण विभाग के सहयोग से किया गया।
यह कार्यक्रम बिहार के 39 ओबीसी बालिका आवासीय +2 विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें कुल 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 29 महिलाएं शामिल थीं।
कार्यशाला का उद्घाटन चेत नारायण राय- निदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान, अनिल कुमार ठाकुर -अपर सचिव, बीसी एवं ईबीसी कल्याण विभाग तथा प्राची गर्ग – एडटेक निदेशक, साथी, आईआईटी कानपुर ने किया।
कार्यशाला के दौरान साथी टीम ने प्लेटफॉर्म का विस्तृत परिचय दिया और इसके एआई समर्थित शैक्षिक उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिन्हें शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर करने के लिए विकसित किया गया है। प्रस्तुत प्रमुख विशेषताओं में व्यक्तिगत शिक्षण सहयोग एवं अध्ययन योजना, ए आई आधारित दृश्य समस्या-समाधान उपकरण, शंका समाधान प्रणाली, प्रदर्शन विश्लेषण, अनुकूलनशील अभ्यास मॉड्यूल, विषय-वार शिक्षण सुझाव, तथा सीखने की कमियों की पहचान कर विद्यार्थियों की तैयारी को बेहतर बनाने वाले स्मार्ट डिजिटल टूल शामिल थे। शिक्षकों को यह भी बताया गया कि साथी को दैनिक कक्षा शिक्षण में प्रभावी रूप से कैसे शामिल किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थियों की सहभागिता और सीखने के परिणामबेहतर हो।
कार्यशाला का एक प्रमुख आकर्षण साथी प्लेटफ़ॉर्म का शिक्षक डैशबोर्ड रहा, जो शिक्षकों को छात्रों के प्रदर्शन को ट्रैक करने, उनकी कमजोरियों की पहचान करने और डेटा आधारित शिक्षण रणनीतियां अपनाने में मदद करता है।
कार्यक्रम में भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीवविज्ञान विषयों में शिक्षकों के ज्ञान को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। साथी प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध आईआईटी के शिक्षकों के व्याख्यानों के माध्यम से यह प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान के कंप्यूटर लैब में व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को प्लेटफ़ॉर्म का सीधे उपयोग करने का अनुभव मिला।
कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को आईआईटी कानपुर द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। 70 प्रतिभागियों में से 29 महिलाओं की भागीदारी इस कार्यक्रम में महिलाओं की बढ़ती सहभागिता को दर्शाती है।
यह कार्यशाला बिहार के आवासीय विद्यालयों में एआई आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने और शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






