April 10, 2026

• मेट्रो के सफर में दिखेगी कानपुर की संस्कृति, तीसरे चरण की तैयारी तेज।

संवाददाता 

कानपुर।    आईआईटी से नौबस्ता के अंतर्गत मेट्रो परियोजना का विस्तार तीसरे चरण में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक दो चरणों में यात्री सेवाएं शुरू होने के बाद अब कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक सेवा विस्तार की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच रही हैं। इस विस्तार के साथ शहर का सार्वजनिक परिवहन तंत्र और अधिक मजबूत होने जा रहा है। ये जानकारी कानपुर मेट्रो कॉरपोरेशन के जनसंपर्क विभाग की ओर से साझा की गई है। जानकारी के अनुसार मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ ही यात्रियों को अब सफर के दौरान कानपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू होने का अवसर मिल रहा है। 

आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक के मार्ग पर आकर्षक आर्टवर्क के बाद अब आगे के अंडरग्राउंड स्टेशनों—झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर—में भी कलात्मक सजावट का कार्य शुरू कर दिया गया है।

योजना के अनुसार, इन स्टेशनों पर भारतीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की झलक देखने को मिलेगी। आर्टवर्क में ब्रज के ग्वाल-बालों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग, नृत्य करते मयूर, पर्वत श्रृंखलाएं और फूलों के उद्यान जैसे मनमोहक दृश्य उकेरे जाएंगे। इसके साथ ही शहर के विकास और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को दर्शाते हुए कानपुर मेट्रो ट्रेन और स्टेशनों के प्रतीकात्मक चित्र भी लगाए जाएंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक के विस्तार में भी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक थीम पर आधारित आर्टवर्क को प्रमुखता दी गई थी। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम, लाल इमली, ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना और गंगा आरती जैसे विषयों को दर्शाने वाले चित्र यात्रियों के बीच खासे लोकप्रिय रहे। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व में लड़ी गई 1857 की क्रांति के दृश्य और कनपुरिया बोली के शब्द यात्रियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशनों के कॉनकोर्स को भी आकर्षक आर्टवर्क से सजाने का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल कानपुरवासियों को पसंद आएगी, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए ये स्थान पसंदीदा सेल्फी प्वाइंट के रूप में उभरेंगे।

उन्होंने कहा कि इन आर्टवर्क के माध्यम से शहर की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी और बाहरी आगंतुकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, नौबस्ता तक मेट्रो सेवा शुरू होने से शहर की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।, कानपुर मेट्रो अब केवल आवागमन का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह शहर की संस्कृति, इतिहास और आधुनिक विकास का संगम बनती जा रही है।

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