March 4, 2026

संवाददाता

कानपुर। नगर की मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने शासन की योजनाओं पर पैनी नजर रखने के लिए एक अनोखी पहल की है।  विकास भवन में कॉल सेंटर और कंट्रोल रूम की शुरुआत की गई है।
यहां तैनात 5 कर्मचारी सीधे ग्राम पंचायत सचिवों, पंचायत सहायकों और गौशाला संचालकों से वार्ता करके वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाएंगे।
कॉल सेंटर से यह सत्यापित किया जाएगा कि ग्राम सचिव अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद हैं या नहीं और वहां कौन से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। 

जो कर्मचारी अनुपस्थित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

पहले ही दिन कई सचिव अनुपस्थित मिले, जिनका 1 सितंबर का वेतन रोकने के निर्देश सीडीओ ने दिए हैं।
सीडीओ ने निर्देश दिया है कि कॉल सेंटर से ग्राम सचिवों और सहायकों से डिजिटल क्रॉफ्ट सर्वे, फैमिली आईडी और ऑनलाइन आवेदनों की प्रगति की जानकारी भी ली जाए। इसके अलावा गौशालाओं में तैनात केयर टेकर और गोपालकों से भी बातचीत होगी। हराचारा, भूसा, चोकर की उपलब्धता, बीमार पशुओं की स्थिति और शिकायतों का फीडबैक सीधे कंट्रोल रूम से लिया जायगा।
अनुपस्थित मिले सचिवों में घाटमपुर, बिल्हौर और बिधनू ब्लॉक के कई कर्मचारी शामिल हैं। सीडीओ ने इनके खिलाफ वेतन रोकने के साथ ही कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, गौशालाओं या योजनाओं में पाई गई कमियों का निस्तारण संबंधित बीडीओ, जिला पंचायतराज अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से कराया जाएगा।
सीडीओ ने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं से जुड़ी प्रश्नोत्तरी तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। इसमें जल जीवन मिशन, मिड-डे मील, प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति और आवास योजनाओं को शामिल किया जाएगा।
यह पहली बार है जब जनपद में पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली की इतनी गहन और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग कॉल सेंटर से शुरू की गई है।