February 21, 2026

संवाददाता 
कानपुर।
चेकस्लोवाकिया के कारोबारी गैंगेला से 2 लाख डॉलर की ठगी करने वाले 3 आरोपियों को पनकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी वेस्ट ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी 2014 से वारदात को अंजाम दे रहे थे, उन्होंने अब तक 200 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया है। इससे पहले भी आरोपियों ने आस्ट्रेलिया, पोलैंड व फिनलैंड के नागरिकों को अपना शिकार बनाया है । उनका मानना था कि विदेशी नागरिक जल्द पुलिस से शिकायत नहीं करेंगे।
गैंगेला की चेक रिपब्लिक गणराज्य के फ्रेनस्टैट पॉड रैडोस्टेम में गैंगेला एसआरओ नाम से कंपनी है। यहां अदर नॉन ड्यूरेबल मिसलेनियस गुड्स का कारोबार होता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उनकी कंपनी को स्टील की आवश्यकता थी। वहां के अधिकारियों ने कंपनियों को सर्च किया, जिसमें पनकी के अपट्रॉन स्टेट की वर्धमान इंडस्ट्री का पता चला। कंपनी के पदाधिकारियों ने फर्म से संपर्क किया।
दोनों ओर से ईमेल के जरिये संवाद शुरू हो गया। स्टील के निर्यात लिए डील फाइनल हुई। कंपनी ने 2 लाख डॉलर पनकी स्थित वर्धमान इंडस्ट्रीज के खाते में ट्रांसफर कर दिए। रुपये देने के बावजूद चेक रिपब्लिक कंपनी को स्टील नहीं भेजा गया। ईमेल और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई गई तो वह फर्जी निकले। कारोबारी गैंगेला ने 13 फरवरी को पुलिस कमिश्नर कार्यालय को ईमेल करके  घटना के संबंध में शिकायत की।
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मामले की जांच के लिए पनकी पुलिस मौके पर पहुंची, जहां वर्धमान इंडस्ट्री नाम की फैक्ट्री मिली ही नहीं। खातों की जांच में पाया गया कि झांसी के रतन सिंह कॉलोनी निवासी अमित और ओम प्रकाश शर्मा ने वर्धमान इंडस्ट्री के खाते खुलवाए थे, जिसे अमित ही संचालित करता था। उसने रकम को गुजरात वापी स्थित नेशनल स्टील नाम के खाते में पैसा ट्रांसफर किया जाता था। उसके बाद अलग–अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी जाती थी। आरोपियों के पास से अलग–अलग 13 बैंक खातों की डिटेल मिली है। साथ ही 15 ऐसे खाते मिले है, जिसका आरोपियों के पास एक्सेस था।
अमित के साथ ही मछरिया नौबस्ता निवासी आकाश को  गिरफ्तार किया गया है, वहीं गिरोह के सदस्य राहुल को मुंबई से दबोचा है। 

डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आरोपी खासतौर पर विदेशी नागरिकों को टारगेट करते थे, उनका मानना था कि विदेशी नागरिक पुलिस से शिकायत नहीं करेंगे। आरोपियों ने इससे पहले फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड के नागरिकों को भी अपना शिकार बनाया है। आरोपी ठगी करने से पहले फेक कंपनी बनाते है, उसका बैंक खाता खुलवाने के साथ उसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन व फर्जी वेबसाइट बनाने के बाद विदेशी कंपनियों से ऑर्डर लेते थे।
ठगी करने के बाद आरोपी फेक आईडी और मोबाइल नंबर बंद कर फरार हो जाते थे। डीसीपी के मुताबिक आरोपी फेक अकाउंट खोलने में ऑटो, टैक्सी वालों के नाम से खाते खुलवाते थे और उन्हें खातों के बदले कुछ रकम मुहैया कराते थे। जांच में सामने आया कि वर्धमान इंडस्ट्री का जीएसटी रजिस्ट्रेशन श्याम नगर स्थित एक दुकान के नाम पर है। 

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह 2014 से इस गोरखधंधे में शामिल है। वह करीब 200 करोड़ की ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके है।
अमित के विभिन्न खातों में करीब 1.30 करोड़ रुपए मिले है, जिन्हें फ्रीज कराया गया है। आरोपियों के पास से एक टाटा हैरियर कार, लैपटॉप, 13 बैंकों की चेकबुक, 8 बैंकों की पासबुक, 9 एटीएम समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए है। 

Related News