March 29, 2026

संवाददाता

कानपुर। ईद-उल-फितर को लेकर शहर के सभी ईदगाहों में नमाज अदा करने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। प्रशासन और ईदगाह कमेटी ने इस बार भी कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला किया है कि ईद की नमाज सड़क पर अदा नहीं की जाएगी। नमाज केवल ईदगाह परिसर के भीतर ही दो शिफ्टों में संपन्न कराई जाएगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहली शिफ्ट की नमाज सुबह 8:00 बजे अदा होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य भारी संख्या में आने वाले नमाजियों को व्यवस्थित ढंग से स्थान उपलब्ध कराना और भीड़भाड़ से बचाव करना है। प्रशासन का मानना है कि एक साथ अत्यधिक भीड़ जुटने से थोड़ी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

ईदगाह कमेटी और प्रशासन ने नमाजियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अनुसार ही पहुंचे और किसी भी स्थिति में सड़कों या सार्वजनिक मार्गों पर नमाज अदा न करें। इससे आमजन को असुविधा से बचाया जा सकेगा और व्यवस्था भी सुचारू बनी रहेगी।

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने ईदगाह और आसपास के इलाकों में कड़े इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था लागू की जाएगी। यातायात विभाग ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है।

इधर, इस बार रमजान के अंतिम जुमे यानी अलविदा की नमाज को लेकर शहर में अनोखी स्थिति देखने को मिली। चांद के दीदार और तिथियों के अंतर के चलते अलग-अलग क्षेत्रों में अलविदा की नमाज दो बार अदा की गई। जाजमऊ, बेगमपुरवा, चमनगंज, परेड और यतीमखाना समेत कई इलाकों में पहले जुमे को अलविदा मानकर नमाज पढ़ी गई, जबकि कुछ स्थानों पर अगले जुमे को अंतिम मानते हुए दोबारा नमाज अदा की गई।

दोनों ही मौकों पर मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी और नमाजियों ने देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। उलेमा ने स्पष्ट किया कि चांद दिखने के आधार पर रमजान की तारीखें तय होती हैं, जिसके कारण इस तरह का अंतर हो जाता है। उन्होंने कहा कि दोनों ही नमाजें अपनी-अपनी मान्यता के अनुसार सही हैं और इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए।

अब शहर में शनिवार को होने वाली ईद की नमाज को लेकर उत्साह चरम पर है। ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है। बाजारों में भी रौनक रही है—कपड़ों, जूतों, सेवइयों और मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ 

रही, जबकि बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला ।

शहर काजी और उलेमाओं ने लोगों से अपील की है कि ईद का पर्व शांति, अनुशासन और भाईचारे के साथ मनाएं। शहर की बड़ी ईदगाह, बेनाझावर में ईद की नमाज को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 

ईदगाह कमेटी ने अपील की है कि नमाजी ईदगाह के भीतर ही नमाज अदा करें और पहली शिफ्ट में शामिल होने वाले लोग समय से पहले पहुंच जाएं, ताकि व्यवस्था बनी रहे।

शनिवार को होने वाली नमाज को लेकर ईदगाह परिसर में साफ-सफाई, लाइट, पंखे और पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। कमेटी के अनुसार, एक शिफ्ट में एक लाख से अधिक लोगों के नमाज अदा करने की संभावना है।

व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 250 वालंटियर तैनात किए गए हैं। ये वालंटियर मानव श्रृंखला बनाकर नमाजियों को ईदगाह के अंदर प्रवेश और बाहर निकलने में सहयोग करेंगे।

बड़ी ईदगाह के मुतवल्ली आयाज आलम जफर ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहली शिफ्ट में नमाज अदा करना चाहते हैं, वे कम से कम एक घंटे पहले पहुंचें, क्योंकि सुबह 8 बजे के बाद बजरिया के पास लोगों को रोक दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पहली शिफ्ट की नमाज पूरी होने के बाद ही दूसरी शिफ्ट के नमाजियों के लिए रास्ता खोला जाएगा, ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।