
संवाददाता
कानपुर। छावनी विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक हसन रूमी ने सीसामऊ विधानसभा से पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को हाई कोर्ट से जमानत मिलने का स्वागत कियाहै। हसन रूमी ने कहा कि यह न्याय मिलने की शुरुआत है और अब अन्याय का दौर समाप्त होने जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के नेताओं को लगातार न्याय मिलने की यह प्रक्रिया अब अदालतों के माध्यम से शुरू हो चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव तक जनता की अदालत भी न्याय सुनिश्चित करेगी।
सपा विधायक हसन रूमी ने कहा कि हमारे नेताओं को उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय से लगातार न्याय मिलना शुरू हो गया है। पहले अब्बास अंसारी की विधायकी बहाल हुई, उसके बाद आजम खान को जमानत मिली और अब इरफान सोलंकी को भी हाई कोर्ट ने राहत दी है।
यह स्पष्ट संकेत है कि भाजपा के अन्याय का दौर समाप्त हो रहा है और न्याय का दौर संविधान और न्यायालय के जरिए शुरू हो गया है। यही शुरुआत है, और आने वाले समय में जनता की अदालत में भी न्याय मिलेगा। न्यायालय के इन फैसलों से पार्टी के नेताओं और समर्थकों में विश्वास और हौसला बढ़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले के बाद पार्टी के नेताओं पर अन्याय और विवादों को भी अब विराम लग गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि अब सपा के नेताओं को उनका अधिकार और सम्मान मिलेगा।
इरफान सोलंकी और उनकी पत्नी के चुनाव लड़ने के सवाल पर हसन रूमी ने कहा- हर व्यक्ति को यह अधिकार है कि वह जहां से चाहे चुनाव लड़े। राजनीति में हर नेता चाहता है कि वह पार्षदीय, विधायकी और संसदीय चुनाव में हिस्सा ले। कौन कहां से लड़ेगा, यह पूरी तरह पार्टी का निर्णय है और पार्टी का निर्णय सभी को मानना होगा।
यदि कोई अन्य व्यक्ति चुनाव लड़ता तो मैं उसकी बात करता, लेकिन इरफान सोलंकी और उनकी पत्नी हमारी पार्टी के नेता हैं। इसलिए इस मामले में कोई जल्दीबाजी की टिप्पणी नहीं की जा सकती।
हसन रूमी ने जोर देकर कहा कि न्याय की यह शुरुआत केवल अदालत तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले चुनावों में जनता की अदालत में भी पार्टी के नेताओं को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह समय पार्टी के लिए सकारात्मक है और इससे पार्टी के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने जनता से अपील की कि इस प्रक्रिया में जागरूक रहें और सपा के नेताओं के अधिकार और न्याय की इस लड़ाई में उनका समर्थन करें।






