
संवाददाता
कानपुर। ऑपरेशन महाकाल के तहत पुलिस कमिश्नर ने आवास विकास केशवपुरम में नेगी एनक्लेव के मालिक गजेंद्र सिंह नेगी और उसके भाइयों के खिलाफ रावतपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
आरोप है कि शातिर बिल्डर भाइयों ने नेगी एनक्लेव बनाकर इसके एक-एक फ्लैट और दुकानों को तीन से चार बार बेचा। करोड़ों रुपए हड़पने के बाद किसी को भी कब्जा नहीं दिया। अब मामले में शिकायत आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस गजेंद्र और उसके भाइयों की तलाश में दबिश दे रही है।
नागेश्वर अपार्टमेंट राणा प्रताप नगर निवासी योगेश सिंह की तहरीर पर गजेंद्र, उसके भाई सुमित नेगी और वासुदेव नेगी समेत कुछ अज्ञात साथियों के खिलाफ रावतपुर थाने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
योगेश का आरोप है कि उन्होंने केशवपुरम आवास विकास स्थित नेगी एनक्लेव के ग्राउंड फ्लोर में बनी दुकान को 29 मई 2018 को ऑफिस बनाने के लिए खरीदा था। इसके बाद उन्होंने यहां कार्यालय के लिए जरूरी सामान रखा और काम शुरू कर दिया। 18 जुलाई 2025 को उन्हें जरूरी काम से बाहर जाना पड़ा।
जब वह वापस आए तो उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया गया। सामान लेने का प्रयास किया तो पता चला कि शटर से सटाकर दीवार खड़ी कर दी गई और सामान लूट लिया गया है। आरोप है कि विरोध करने पर नेगी ने कमर से पिस्टल निकालकर दिखाते हुए धमकी दी और कहा कि जितने में कार्यालय खरीदा है उतने पैसे और हर महीने 50 हजार रुपए की रंगदारी दो तभी बैठ पाओगे। उसके भाइयों ने भी गालियां व धमकी देते हुए भगा दिया।
शातिर नेगी ने आवास विकास केशवरपुरम में नेगी एन्क्लेव के नाम से अपार्टमेंट बनाया और इसी के ग्राउंड फ्लोर पर मार्केट बनाई। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शातिर गजेंद्र सिंह नेगी और उसके भाइयों ने मिलकर इस 16 फ्लैट को 50 से ज्यादा लोगों को बेचकर करोड़ों रुपए हड़प लिया। एक-एक फ्लैट और शॉप को दो से तीन बार बेचा गया है। अब शातिर खरीदने वालों को कब्जा नहीं दे रहा और विरोध करने पर धमकी देता है।
डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि शातिर गजेंद्र सिंह नेगी को जिला प्रशासन भू-माफिया घोषित कर चुका है। उसके खिलाफ 2019 में गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है। इसके बाद शातिर ने अपने अपराध को छिपाने और लोगों पर रौब झाड़ने के लिए एलएलबी की और काला कोट पहनकर लोगों को जेल भिजवाने की धमकी देता था।
जांच के दौरान यूपी बार काउंसिल में उसका रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है। अब तक उसके खिलाफ 14 शिकायतें मिली हैं जिनकी जांच की जा रही है। गजेंद्र का एक भाई लखनऊ में कोचिंग संचालक है। जांच पूरी होते ही गजेंद्र के खिलाफ अन्य एफआईआर दर्ज की जाएंगी। इसके साथ ही शातिर गजेंद्र और उसके भाइयों को अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा।






