
संवाददाता
कानपुर। दयानन्द गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के वनस्पति विज्ञान विभाग एवं आई.क्यू.ए.सी. के संयुक्त तत्त्वावधान में दिनांक 23 से 25 सितम्बर 2025 तक रीसेन्ट ट्रेन्ड्स इन प्रोपेगेशन ऑफ हॉर्टिकल्चरल क्रॉप्स विषय पर एक त्रिदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला के प्रथम दिन चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के उद्यान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. वी के त्रिपाठी ने व्याख्यान दिया। कार्यशाला के प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि उमेश चन्द्रा, जिला बागवानी अधिकारी, कानपुर ने बागवानी से सम्बन्धित रोजगारपरक कार्यक्रमों के बारे में चर्चा की।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता प्रो. वी.के.त्रिपाठी, डीन, हार्टिकल्चर, सीएसए कानपुर ने बताया कि वर्तमान समय में अधिक संख्या में एक समान वृद्धि तथा अधिक उपज देने वाले तथा रोग राहत पौधों को प्राप्त करने के लिए टिश्यू कल्चर तकनीक अत्यधिक उपयोगी है। जिससे कम समय में, मुख्य पौधे के गुणों के अनुरूप बीमारियों से रहित, जल्दी फल देने वाले पौधे कम जगह में अधिक संख्या में उत्पादित किए जा सकते हैं। व्यावसायिक स्तर पर उगाई जाने वाले फल जिसमें केला, स्ट्रॉबेरी, सेव, नींबू, चेरी आदि के अधिक संख्या में, रोग रहित, उच्च गुणवत्ता वाले पौधे इस तकनीक से उत्पादित किए जाते हैं। सूक्ष्म प्रवर्धन तकनीक में मेरीस्टेम कल्चर, कैलश कल्चर, सेल कल्चर, भ्रूण कल्चर के साथ शूट टिप ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है।
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि आप अपने घर पर अंगूर, ड्रैगन फल, शहतूत, नींबू फलों के साथ टिकोमा, डिफनबेकिया, कोलियस, बौगेनविलिया, यूपटोरियम, आयरीसिन, बहुवर्षीय गुलदाउदी जैसे शोभाकारी पौधों के साथ परवल को कर्तनी, कटिंग के द्वारा घर पर ही नए पौधे तैयार कर सकते हैं, जो गुणवत्ता और विश्वनीयता में उच्च रहते हैं। इसके साथ ही प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि आप लीची, अमरूद, नींबू, अनार फलों के साथ क्रोटन फाईकस, रबर, आदि को गूटी,हवा दावा से, गुलाब, मीठा नींबू, सेव आदि को कालिकायन तकनीक, आम, कटहल, बेल, बेर, अमरूद को शिखा रोपण विधि से व्यावसायिक स्तर पर प्रवर्धित किया जाता है।
कार्यक्रम में स्वागत प्राचार्या प्रो. वंदना निगम द्वारा किया गया। कार्यशाला में निदेशिका प्रो. अर्चना वर्मा ने आशीर्वचन दिए। संयोजिका प्रो.अर्चना श्रीवास्तव द्वारा विषय प्रवर्तन किया गया। आईक्यूएसी प्रभारी प्रो. सुगन्धा तिवारी तथा विभाग की प्रो. अलका श्रीवास्तव, डॉ. ज्योति सिंह जादौन, डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. पारूल त्रिवेदी उपस्थित रहीं।
संचालन डॉ. विट्टम प्रभा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. विजय तिवारी द्वारा दिया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में छात्राओं ने भागीदारी की।






