
संवाददाता
कानपुर। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अब यह चेतावनी बिंदु से सिर्फ 43 सेंटीमीटर दूर रह गया है। गंगा किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
कटरी क्षेत्र के चैनपुरवा, रामपुर और कटरी गांव के खेतों में पानी घुस चुका है। इन इलाकों में खेतों में करीब 20 फीट तक पानी भर गया है, जिससे तैयार सब्जियों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
गांववालों का कहना है कि पानी इतनी तेजी से आया कि रातों-रात खेत डूब गए। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टमाटर, मिर्च, तरोई, धनिया, भिंडी और बैंगन जैसी फसलें पानी में समा गईं।
इन 3 गांवों में करीब 700 लोग रहते हैं। खेतों में पानी घुसने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। लोग अब इस डर में हैं कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो पानी घरों तक पहुंच जाएगा। कई घरों के पास बांधे गए मवेशी भी खतरे में हैं।
रामपुर के एक किसान ने बताया कि सब्जी की खेती से ही गुजर-बसर होती है, वह अब खत्म हो गई है। खेतों में पानी आने से सब बर्बाद हो गया।
चैनपुरवा के किसानों ने बताया कि पहले लोग खेतों तक पैदल पहुंच जाते थे, लेकिन अब वहां नाव से जाना पड़ रहा है। खेतों और गांव के रास्तों में पानी भर गया है। नावें सुरक्षा के लिए किनारे पर लगाई गई हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ गांव के अंदर के कामों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर तक सब्जी ले जाने के लिए नावें नहीं चलाई जा रहीं।
किसानों को सबसे बड़ा डर है कि जब रात में नींद खुलती है तो सबसे पहले मवेशियों को देखने जाना पड़ता है। डर यह भी है कि पानी के साथ जहरीले सांप और अन्य जानवर आ सकते हैं, जो मवेशियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
गांववालों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ किनारे की तरफ कटान भी हो रही है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में खेतों के साथ-साथ घर भी खतरे में आ सकते हैं। कई परिवारों ने जरूरी सामान सुरक्षित जगहों पर रखना शुरू कर दिया है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल अलर्ट जारी किया गया है और नावों को तैयार रखा गया है। हालांकि अभी तक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की जरूरत नहीं पड़ी है। लेकिन जलस्तर में हर घंटे हो रही बढ़ोतरी ने गांववालों की चिंता बढ़ा दी है।
गंगा बैराज के पास कटरी इलाके में बसे बनिया पुरवा, भारत पुरवा, नत्थू पुरवा, दुर्गापुरवा, मंगलपुर, भगवानदीनपुरवा समेत एक दर्जन गांवों में लोगों को सतर्क किया गया है।






