
संवाददाता
कानपुर। नरवल तहसील के हाथीपुर, फुफुवार (सुईथोक) और महाराजपुर गांवों की जमीन कॉरिडोर निर्माण के लिए अधिग्रहित की जानी है। किसानों का कहना है कि मौजूदा सर्किल रेट बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं है, इसलिए वे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
इसलिए कानपुर के नरवल तहसील क्षेत्र में कॉरिडोर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। किसान सर्किल रेट बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं, जिससे परियोजना की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
मामले को लेकर भाजपा नेता विनय प्रताप सिंह और महाराजपुर ग्राम प्रधान दिनेश सिंह ने लखनऊ पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात की और सर्किल रेट बढ़ाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि सितंबर 2025 में जिले के अधिकांश गांवों में सर्किल रेट बढ़ाए गए, लेकिन इन तीन गांवों को इससे बाहर रखा गया। किसानों का आरोप है कि नगर निगम सीमा और कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के पास होने के बावजूद यहां सर्किल रेट केवल 63 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है।
किसानों का कहना है कि जिले के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में सर्किल रेट 70 से 89 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक है, जबकि उनके गांवों में दर कम रखी गई है, जो अन्यायपूर्ण है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वह संबंधित अधिकारियों से बातचीत करके जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।






