
संवाददाता
कानपुर। दो दिनों की बारिश से शहर की सड़कें एक बार फिर से पानी पानी हो गयी।सोमवार पूरे दिन दिन हुई छुटपुट बारिश के बाद देर रात से शुरू हुई तेज बारिश मंगलवार सुबह तक होती रही। वहीं, शहर में जगह-जगह जलभराव से राहगीर परेशान हो गए हैं। बहुत से लोग अपने वाहन घसीटते हुए नजर आए। मुख्य मार्गों और कॉलोनियों में पानी भर जाने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशान होना पड़ा। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम रहा।
वहीं, न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता सुबह के समय 85 प्रतिशत और शाम को 75 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की औसत गति 8.2 किलोमीटर प्रति घंटा रही और दिशा दक्षिण से पूर्व रही। बीते 24 घंटों में शहर में 6.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम वैज्ञानिकों ने 3 सितंबर तक तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इससे किसानों को खेतों में नमी बरकरार रखने और धान सहित खरीफ फसलों के लिए लाभ मिलेगा।
देशभर के मौसमी सिस्टम पर नजर डालें तो फिलहाल मानसून टर्फ रेखा गंगानगर, पिलानी, दतिया, सतना, डाल्टनगंज होते हुए दीघा से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट पर ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है, जिससे अगले 24 घंटों में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।
वहीं उत्तर-पश्चिम राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण उत्तर प्रदेश में भी हवा के चक्रवातीय सिस्टम सक्रिय हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि आने वाले दिनों में कानपुर और आसपास के जिलों में बीच-बीच में बारिश होने से मौसम सुहाना बना रहेगा। हालांकि, जलभराव और नमी से दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है।






