March 28, 2026

संवाददाता 

कानपुर। हरियाणा के पानीपत में गोलगप्पे बेचने वाले 17 साल के अश्वनी के मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ। यह मर्डर महज 10 रुपए के विवाद में हुआ।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अश्वनी की रेहड़ी से गोलगप्पे खाने आए थे। सभी ने गोलगप्पे खाने के बाद उसके पूरे पैसे नहीं दिए। जब उसने 10 रुपए मांगे तो वो भड़क गए। आरोपी बहस करने लगे। इसके थोड़ी देर बाद वो फिर आए और अश्वनी पर चाकुओं से 5 वार कर हत्या कर दी।
पानीपत पुलिस की सीआईए यूनिट ने हत्या की पूरी गुत्थी सुलझाते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वहीं, एक अभी फरार है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात से कुछ देर पहले आरोपियों ने अश्वनी की रेहड़ी पर गोलगप्पे खाए थे। पैसे देने के दौरान महज 10 रुपए को लेकर अश्वनी और युवकों के बीच कहासुनी हो गई। आरोपियों ने 50 का नोट अश्वनी को दिया था, इसके बाद अश्वनी ने 10 रुपए और मांगे। इसी को लेकर बहस शुरू हो गई। उस वक्त तो आरोपी चले गए, लेकिन उनके सिर पर खून सवार था।
शनिवार रात करीब 8:15 बजे, जब अश्वनी पानीपत के कुटानी रोड स्थित रानी महल के पास से अपनी रेहड़ी लेकर घर लौट रहा था, तभी 4-5 हमलावरों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अश्वनी की पसलियों, पेट और छाती पर 5 से ज्यादा गहरे वार किए गए। इसके बाद आरोपी उसे लहूलुहान हालत में सड़क पर छोड़कर फरार हो गए।
परिजनों को सूचना मिलते ही वे अश्वनी को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उसे रोहतक PGI रेफर कर दिया, लेकिन बदकिस्मती से रास्ते में ही 17 वर्षीय अश्वनी ने दम तोड़ दिया। मृतक मूल रूप से कानपुर का रहने वाला था और मात्र चार दिन पहले ही काम के सिलसिले में पानीपत आया था।
डाबर कॉलोनी के रहने वाले केशव और राजेश को इस केस में गिरफ्तार किया गया है। दोनों सगे भाई हैं। इनके आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इन पर पहले बिजलीकर्मी का सिर फोड़ने का मुकदमा दर्ज है। जो फरवरी महीने में चांदनीबाग थाना में दर्ज हुआ था।
पुलिस ने कहा कि इनकी निशानदेही पर मोबाइल फोन बरामद किया जाएगा। साथ ही तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और मृतक अश्विनी का शव परिजनों को सौंप दिया। अश्विनी के जीजा नंदकिशोर ने बताया कि उसके साले की जान बच सकती थी, अगर उसे समय रहते इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जाता, लेकिन उन्हें मिली 12 सेकेंड की वीडियो के अनुसार राहगीर अश्विनी को अस्पताल पहुंचाने के  बजाय उसकी वीडियो बनाते रहे।