
संवाददाता
कानपुर। नौरंगा ग्राम पंचायत से प्रधान तुलसी देवी ने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को अपना इस्तीफा सौंपा है । घाटमपुर में तहसील दिवस के दौरान तुलसी देवी ने बताया कि गांव के दबंग पंचायत भवन की बाउंड्री का निर्माण नहीं होने दे रहे हैं।
इसके साथ ही उनका काम-काज देखने वाले बेटे को जान से मारने की धमकी दी है। साठगांठ होने के चलते प्रशासनिक अफसर उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। मामले में डीएम ने तत्काल जमीन की पैमाइश और पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। इस्तीफा स्वीकार नहीं किया।
घाटमपुर तहसील में डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह शनिवार को तहसील दिवस पर सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान नौरंगा की दलित ग्राम प्रधान तुलसी देवी हाथ में इस्तीफा लेकर पहुंची। डीएम के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा कि साहब…हम नौरंगा के ग्राम प्रधान व भूमि प्रबंधन समिति की अध्यक्ष हूं। ग्राम प्रधान होने के बाद भी मेरी कोई सुनने वाला नहीं है, मेरा इस्तीफा ले लीजिए। दलित होने के चलते गांव में दबंग विकास कार्य नहीं होने दे रहे हैं।
मैं अपने दायित्वों का निर्वाहन करते हुए ग्राम पंचायत की बहुमूल्य सरकारी भूमि पर शासन द्वारा प्राप्त धनराशि से सार्वजनिक उपयोग हेतु विकास कार्य में बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य करा रही हूं। इस जमीन के एक हिस्से पर गांव के ही भूमाफिया देवेन्द्र सचान पुत्र सुरेन्द्र सचान व गोपाल अवस्थी पुत्र गुरू प्रसाद द्वारा पूर्व में अवैध रूप से दुकान बनाकर कब्जा कर लिया गया है।
बाकी खाली सरकारी जमीन को सुरक्षित करने के लिए मेरे द्वारा उसपर बाउण्ड्रीवाल कराया जा रहा था, उक्त व्यक्तियों के द्वारा तहसील प्रशासन व पुलिस की सहायता से कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही है। अब तो मेरे पुत्र विजय कुमार जो मेरे विकास कार्यों में प्रतिनिधि के रूप में काम करता है, उसको जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया। डीएम ने बताया कि एसडीएम को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। पंचायत घर की जमीन की नाप कराकर उसे अलग किया जाए ताकि निर्माण कार्य आगे बढ़ सके।






