
संवाददाता
कानपुर। शहर के विनोबा नगर की रहने वाली रत्ना सविता ने बताया कि हमारे घरों में काला गंदा पानी आ रहा है। रोजमर्रा के काम करने में बहुत ही दिक्कत होती है। अब तो बच्चे भी बीमार पड़ने लगे है। सुबह उठते ही हम लोग अपने घर से एक किमी दूर राखी मंडी, बारा देवी मंदिर से पानी लेने के लिए जाते हैं। उसके बाद घर का काम करते हैं। पार्षद से लेकर अधिकारी तक हमारी समस्या को कोई नहीं सुन रहा है।
कानपुर शहर के जूही इलाके के विनोबा नगर में महीनों से सीवर जैसा गंदा पानी आ रहा है। गंदे पानी में इस कदर बदबू आ रही है कि पास खड़ा रहना दूभर हो जाता है।
ये समस्या सालों से चली आ रही है। समाधान नहीं हुआ तो यहां भी इंदौर जैसे हालात हो सकते हैं। लोगों की जान जा सकती है।
विनोबा नगर के पार्क के सामने रहने वाली ममता ने बताया कि हम लोग सुबह सुबह सबसे पहले पानी लेने के लिए बारा देवी, राखी मंडी जाते है। घर में आने वाला सरकारी पानी इस तरह दूषित है, जिसका पानी काला और बदबू दार है। इस पानी से कपड़े तक नहीं धुले जा सकते हैं। कपड़ों में बदबू आने लगती है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
विनोबा नगर के रहने वाले राम आश्रित ने बताया कि घर में पानी नाले जैसा आता है। पार्षद, अधिकारी कोई सुनने वाला नहीं है। किससे कहें? बच्चे क्या, हम भी बीमार हैं। ये गंदा पानी काफी महीनों से आ रहा है। पूरे विनोबा नगर और राखी मंडी सभी का यही हाल है। कोई किसी को देखने वाला नहीं है।
जूही की पार्षद शालू सुनील कनौजिया के पति सुनील कनौजिया ने बताया कि पिछले साल 2024 में मेट्रो का काम शुरू हुआ था। उसी समय से सीवर लाइन टूट गई थी, जिसकी वजह से करीब 7 हजार घरों में गंदा पानी जा रहा है।
हमने मेट्रो अधिकारियों से बात की। पहले तो ये मानने के लिए तैयार नहीं हुए, लेकिन जब नगर निगम के जलकल के अधिकारियों ने बीच में हस्तक्षेप किया तो ये लोग मानने को तैयार हुए। उम्मीद है दो दिनों में समस्या का समाधान हो जाएगा।
शहर में सीवर के पानी की सप्लाई को लेकर जब नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।
भारत में हर साल साफ पानी न मिलने की वजह से दो लाख लोगों की मौत हो जाती है। यही नहीं, 2030 तक देश की लगभग 60 करोड़ आबादी को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। पिछले दिनों केंद्रीय जल मंत्रालय ने ये जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी थी।





