March 3, 2026

संवाददाता
कानपुर।
भारतीय जनता युवा मोर्चा 27 जून को मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करेगा। मॉक पार्लियामेंट के जरिए वर्ष 1975 में लगे आपातकाल की त्रासदी को बताया जाएगा। यह संसद की तरह लगेगी। पक्ष और विपक्ष के बीच आपातकाल को लेकर बहस करेगी।
वहीं सदन में लोकसभा अध्यक्ष और उप लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका में भी प्रबुद्धजन होंगे। 

भाजयुमो जिलाध्यक्ष शिवांग मिश्रा ने मॉक पार्लियामेंट को लेकर पार्टी दफ्तर में बैठक करके पूरी रणनीति तैयार की।
भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव द्विवेदी ने बताया कि इस मॉक पार्लियामेंट में युवा कार्यकर्ता होंगे जो पक्ष और विपक्ष की भूमिका में रहेंगे।
अभिनव  ने बताया कि आपातकाल में तब की पीएम इंदिरा गांधी ने नागरिकों के मौलिक, संवैधानिक अधिकारों का हनन करके निर्दोषों को जेल में डलवाया था।
मॉक पार्लियामेंट में सांसद की भूमिका निभाने वाले सत्ता पक्ष के सांसद विपक्षी सांसदों के तर्कों का विरोध करेंगे। एक तरह से संसद की तरह इसका आयोजन होगा ताकि युवाओं को आपातकाल की त्रासदी की सच्चाई बताई जा सके।
भाजपा उत्तर जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि वर्ष 1975 में कांग्रेस ने लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने का कुत्सित प्रयास किया था। 
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने बताया कि सूबे में कानपुर सहित दस स्थानों पर मॉक पार्लियामेंट का आयोजन होगा। आपातकाल की त्रासदी को आमजनों से रूबरू कराना मुख्य ध्येय है, जनता को बताना है कि कांग्रेस ने किस तरह आमजनों के मौलिक अधिकारों का हनन किया था।