
संवाददाता
कानपुर। पनकी स्थित पीएसआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार सुबह छात्रों ने हंगामा कर दिया। करीब 3 हजार छात्रों ने कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ की। दरवाजे, खिड़की, टेबल तोड़ दी। मौके पर सचेंडी, पनकी, अरमापुर, कल्याणपुर सहित 7-8 थानों की फोर्स, पीएसी पहुंची।
सोमवार को कैंपस में निर्माण काम में लगी जेसीबी से टकरा कर बीसीए फाइनल ईयर के छात्र की मौत हो गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र की किडनी, लंग्स, पैनक्रियाज डैमेज हो गया था। इसी के विरोध में छात्र न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज कैंपस में चल रहे निर्माण काम के दौरान सुरक्षा इंतजाम न होने से यह हादसा हुआ। वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने घटना को कैंपस के बाहर का मामला बताया। मृतक की पहचान प्रखर सिंह निवासी रतनलाल नगर के रूप में हुई।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे कॉलेज पहुंचे छात्रों ने गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि गेट पर तैनात कुछ गार्डों ने छात्रों के साथ अभद्रता की, जिससे छात्रों का गुस्सा और भड़क गया। गुस्साए छात्र कॉलेज परिसर में घूम-घूम कर हंगामा करने लगे।
कॉलेज में दरवाजों के कांच तोड़े। स्थिति बिगड़ती देख कॉलेज मैनेजमेंट ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सचेंडी और पनकी थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। छात्रों ने साथी प्रखर की मौत के बाद कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
छात्रों ने बताया कि छह महीने पहले भी कॉलेज कैंपस में एक्सीडेंट में एक छात्र घायल हुआ था। तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पुलिस और कॉलेज मैनेजमेंट मिलकर मामले को दबा देता है।
छात्र प्रखर को अगर समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। लेकिन, मैनेजमेंट ने कैंपस में अपने मेडिकल कॉलेज में ही काफी देर तक रखा था।
कॉलेज कैंपस में सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। यहां 24 घंटें निर्माण काम चलता रहता है। धूल की वजह से उसे गाड़ी नहीं दिखाई दी थी।
जेसीबी ड्राइवर को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही कॉलेज में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाए।
डीसीपी वेस्ट ने छात्रों को आश्वासन दिया कि जल्द ही आपकी सभी बातों को माना जाएगा। जो भी छात्र की मौत का दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। छात्रों ने इसे लिखित में मांगा। इसके बाद कॉलेज मैनेजमेंट ने लिखित में छात्रों की मांगें मानी,कि प्रखर सिंह के परिजनों को आर्थिक सहायता देंगे, छात्र की पूरी फीस वापस की जागी। सिक्योरिटी फीस भी माफ की जाएगी।
प्रखर की मौत के जिम्मेदार संबंधित सुरक्षा कर्मियों, स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एंट्री और छुट्टी के समय किसी तरह का निर्माण काम नहीं कराया जाएगा, निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखेंगे।
छात्रों की एंट्री गेट नंबर 7 को छोड़कर अन्य सभी गेटों से होगा। किसी छात्र के लेट होने पर केवल उसी पीरियड में अबसेंट दिखाया जाएगा।
रतनलाल नगर निवासी प्रभाकर सिंह खाद कारोबारी है। परिवार में पत्नी प्रियंका, दो बेटे प्रखर सिंह और प्रवीण सिंह है। केशवपुरम निवासी चचेरे भाई अभय सिंह ने बताया- प्रखर पीएसआईटी कॉलेज में बीसीए फाइनल ईयर का छात्र था, जबकि प्रवीण लखनऊ की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। अभय के मुताबिक रोजाना की तरह प्रखर सोमवार को बाइक से कॉलेज गया था।
शाम को छुट्टी होने के बाद वह कॉलेज के पीछे स्थित गेट से बाहर निकल रहा था। कॉलेज कैंपस के पिछले हिस्से में काफी समय से निर्माण काम चल रहा है। प्रखर की बाइक के आगे से एक कार तेज स्पीड में गुजरी, जिससे धूल का गुबार उड़ा। जिस कारण प्रखर को कुछ दिखाई नही पड़ा और वह आगे खड़ी जेसीबी में जा टकराया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
साथी छात्र उसे कल्याणपुर स्थित बीएमसी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। परिजन उसे सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।






