
संवाददाता
कानपुर। एक पति ने लव-मैरिज के 4 महीने बाद ही पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद थाने जाकर सरेंडर किया और रोते हुए इंस्पेक्टर से बोला कि साहब, मैंने अपनी पत्नी का गला घोट दिया है। उसकी लाश घर पर कंबल में लिपटी पड़ी है।
युवक ने बताया कि वारदात के 4 घंटे बाद तक इधर-उधर भटकता रहा। भागने की कोशिश की, लेकिन बाद में सरेंडर करने का फैसला किया। उसकी बात सुनते ही थाने में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसवालों ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस आरोपी सचिन सिंह को लेकर घटनास्थल पर पहुंची। वहां कमरे में चारपाई पर कंबल में उसकी पत्नी श्वेता की लाश मिली।
यह मामला महाराजपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी सचिन न्यू हाईटेक सिटी में मुस्कान अस्पताल के ऊपर बने कमरे में किराए पर रहता है।
सचिन पुत्र भारत सिंह फतेहपुर जिले के मोहनपुर गांव का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि चार महीने पहले उसने गांव की ही रहने वाली श्वेता सिंह से घरवालों के खिलाफ जाकर कोर्ट मैरिज की थी। घरवालों की नाराजगी की वजह से उसने सूरत जाकर प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी कर ली। पत्नी को भी अपने साथ ले गया। लेकिन एक महीने बाद ही वापस आ गया।
महाराजपुर थाना क्षेत्र के रूमा स्थित एक किराए के कमरे में रहने लगा। यहां उसने किराए पर ऑटो लेकर चलाना शुरू किया, लेकिन उसे पत्नी पर शक होने लगा। उसके खाते में रुपए आए थे। पूछने पर बताती कि नानी ने पैसे भेजे हैं। पत्नी को रंगे हाथ पकड़ने के बाद सचिन ने आपा खो दिया और वारदात को अंजाम दिया।
सचिन ने बताया कि मेरे घर के सामने इंजीनियरिंग करने वाले 2 से 3 लड़के रहते हैं। मैं दोस्तों के साथ पार्टी करने गया था। मैंने श्वेता को रात 9 बजे कॉल किया और कहा- आ रात में घर नहीं आ पाऊंगा। उसने भी कहा- ठीक है, मैं भी थकी हुई हूं। जल्दी सो जाऊंगी।
मुझे शक हो रहा था कि उसके जरूर अवैध संबंध हैं। मैं रात में साढ़े 11 बजे घर लौट आया। घर के नीचे का शटर रस्सी से बंधा रहता है। मैं उसे खोलकर ऊपर गया तो देखा तो कमरा खुला था। मैंने देखा कमरे के सामने रहने वाले दोनों युवकों के साथ पत्नी लेटी हुई थी।
मैं शोर मचाने लगा। पत्नी युवकों से बोली- इसे मारो नहीं तो बवाल करेगा। थोड़ी देर में बगल वाले लड़कों ने 112 नंबर पर कॉल कर दिया। पुलिस पहुंची और पूछताछ की तो लड़कों ने कहा- हम लोग बैठे थे। मैंने कहा- बताइए सर, 1 बजे रात कौन बैठा रहता है।
पुलिस हम सभी को साथ लेकर चौकी आ गई। बाद में मुझे और पत्नी को जाने को कहा। पुलिस ने कहा- घर जाकर लड़ाई मत करना। जब मैं पत्नी के साथ घर आया तो वो मुझसे लड़ने लगी। बोली- उन लड़कों को फंसाया तो मैं तुझे भी फंसा दूंगी। युवकों को सुबह तक छुड़ा लूंगी, लेकिन अब तुम नहीं बचोगे।
पत्नी ने कहा- तू चाहे मुझे मार डाल, लेकिन मैं उन तीनों के साथ रहूंगी। मैंने भी गुस्से में उसका गला दबा दिया और वो मर गई। इसके बाद मैं भागकर घंटाघर पहुंचा। यहां 3 से 4 घंटे तक बैठा रहा। मुझे लगा कि हमने तो भागकर शादी की है। उसका भी कोई नहीं है और मेरा भी कोई नहीं है। इसलिए थाने चला आया।
महाराजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा ही है। फोरेंसिक टीम और उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।





