
संवाददाता
कानपुर। नगर में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) सम्पन्न हो गई। परीक्षा छूटते ही एग्जाम सेंटर्स के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ लग गई। पहली पाली में पेपर टू हुआ, इसके बाद दूसरी पाली शुरु हुई, जिसमें पेपर वन लिया गया। जिले के 46 केंद्रों में हो रही परीक्षा में रविवार को करीब 30 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा से दो घंटे पहले ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
पेपर देकर निकले मोहित दुबे ने बताया कि साइंस व मैथ के क्वेश्चन कुछ लंबे थे। बाकी पेपर को मॉडरेट कहा जा सकता है। पेपर में तैयारी करके आने वाले अभ्यर्थियों के लिए बेहतर प्रश्नपत्र था। कटआफ बढ़ सकता है।
पेपर देकर आई अंजली गौतम ने बताया कि पेपर एवरेज था। बताया कि वह तीसरी बार एग्जाम दे रही हैं। इस बार का पेपर बीते सालों की अपेक्षा सरल कहा जा सकता है। इस बार पेपर वन कुछ कठिन था। वहीं, पेपर दो थोड़ा आसान रहा ।
दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान चकेरी स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप स्कूल में एक अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ गई। कन्नौज के तिर्वा निवासी हरनाथ सिंह, जो पेशे से सरकारी शिक्षक हैं, परीक्षा देने के लिए डॉ. वीरेंद्र स्वरूप स्कूल आए थे। दोपहर परीक्षा शुरू होने के लगभग एक घंटे बाद उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वे बेहोश हो गए।
स्कूल स्टाफ ने तत्काल हरनाथ सिंह को एक अलग कमरे में स्थानांतरित किया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। तबियत खराब होने के कारण वे परीक्षा पूरी नहीं कर पाए। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें उल्टियां भी हुईं।
हरनाथ सिंह के साथी सत्येंद्र सिंह और कवेंद्र सिंह उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है।
सभी केंद्रों पर उम्मीद और उत्साह का माहौल था। अभ्यर्थी लंबे समय से की गई मेहनत का परिणाम पाने के लिए आतुर नजर आए। कई अभ्यर्थियों के साथ उनके परिवारीजन भी उनका उत्साह बढ़ाने पहुंचे थे।
प्रशासन द्वारा परीक्षा को सुचारू और निष्पक्ष बनाने के लिए हर स्तर पर कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका न रहे। इस परीक्षा के बाद केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षक बनने का रास्ता खुलता है।






