April 23, 2026

संवाददाता

कानपुर। सरकारी अस्पताल हमेशा ही गंदगी और लापरवाही के लिए चर्चा में आते रहते हैं। अधिकारी लाख निर्देश जारी कर दे लेकिन जब तक नीचे बैठे कर्मचारी उसे फॉलो नहीं करेंगे तब तक अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकती।
यही कारण है कि मरीज सरकारी अस्पताल जाने से बचते हैं। इन सभी चीजों को देखते हुए कानपुर के जिला सरकारी अस्पताल उर्सला में एक बेहतर विकल्प को तलाशा गया है। अब यहां पर हर दिन के हिसाब से अलग रंग की चादर मरीज के बेड पर बिछाई जाएगी।
उर्सला अस्पताल के डॉयरेक्टर डॉ. एचडी अग्रवाल ने बताया कि ये आईडिया किसी पर्सनल व्यक्ति का नहीं है, बल्कि ये आईडिया यूपी गर्वमेंट का ही है। एक मीटिंग के दौरान ये मांग हम लोगों ने रखी थी, इसके बाद इस पर विचार हुआ और इसे लागू किया गया है। अब यहां पर रोज अलग-अलग रंग की चादर आपको बिछी हुई मिलेंगी।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पहले सफेद रंग की चादर होती थी। अगर चादर साफ तो कर्मचारी उसे दो-दो या तीन-तीन दिन तक बदलते नहीं थे। चादर साफ होने के कारण उसे कोई डॉक्टर भी पकड़ नहीं पाते थे। लेकिन मरीजों में संक्रमण का खतरा भी बना रहता था।
जब मरीज इसका विरोध करता था तो ही हम जान पाते थे, लेकिन अब हर रोज नए रंग की चादर होने से मरीज को बताना नहीं पड़ेगा। डॉक्टर चादर का रंग देखकर ही पता कर लेंगे कि चादर बदली गई है या नहीं।
अब सोमवार को सफेद, मंगलवार को पीच, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को पिंक, शनिवार को गहरा नीला और रविवार को लाइट मस्टर्ड रंग की चादरों का इस्तेमाल बेड पर बिछाने में किया जाता है।
उर्सला निदेशक के अनुसार अब लॉन्ड्री वाले गलत जानकारी नहीं दे पाते है और रंग की वजह से रोज चादर बदलनी पड़ती है। इसका फायदा यह होता है कि मरीजों को रोज साफ चादर मिलती है। 

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